प्रतिदिन प्रातःकाल सिद्ध कुञ्जिका स्तोत्रम् का पाठ कराने से सभी प्रकार के विघ्न – बाधा नष्ट हो जाते हैं व परम सिद्धि प्राप्त होती है| इसके पाठ से काम – क्रोध का मारण, इष्टदेव का मोहन, मन का वशीकरण, इन्द्रियों की विषय – वासनाओं का स्तम्भन और मोक्ष प्राप्ति हेतु उच्चाटन आदि कार्य सफल होते हैं|
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे || ॐ ग्लौं हुं क्लीं जूं सः ज्वालय ज्वालय ज्वल ज्वल प्रज्वल प्रज्वल ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ज्वल हं सं लं क्षं फट् स्वाहा ||
नमस्ते रूद्ररुपिण्यै नमस्ते मधुमर्दिनि |
नमः कैटभहारिण्यै नमस्ते महिषार्दिनि || १ ||
नमस्ते शुम्भहन्त्र्यै च निशुम्भासुरघातिनि || २ ||
जाग्रतं हि महादेवि जपं सिद्धं कुरुष्व मे |
ऐंकारी सृष्टिरूपायै ह्रींकारी प्रतिपालिका || ३ ||
क्लींकारी कामरूपिण्यै बीजरूपे नमोऽस्तु ते |
चामुण्डा चण्डघाती च यैकारी वरदायिनी || ४ ||
विच्चे चाभयदा नित्यं नमस्ते मंत्ररूपिणि || ५ ||
धां धीं धूं धूर्जटेः पत्नी वां वीं वूं वागधीश्वरी |
क्रां क्रीं क्रूं कालिका देवि शां शीं शूं मे शुभं कुरु || ६ ||
हुं हुं हुंकाररूपिण्यै जं जं जं जम्भनादिनी |
भ्रां भ्रीं भ्रूं भैरवी भद्रे भवान्यै ते नमो नमः || ७ ||
अं कं चं टं तं पं यं शं वीं दुं ऐं वीं हं क्षं
धिजाग्रं धिजाग्रं त्रोटय त्रोटय दीप्तं कुरु कुरु स्वाहा |
पां पीं पूं पार्वती पूर्णा खां खीं खूं खेचरी तथा || ८ ||
सां सीं सूं सप्तशती देव्या मंत्र सिद्धं कुरुष्व मे || ९ ||

3 comments
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March 11, 2009 at 8:51 pm
sachin
i do the chanting of this stotra ( siddha Kunjika ) every day atleast ones, but can you guide me with the number ( how many times ) uchharan karnese uchit phal , yane ke Ma ki kripa hogi.
March 27, 2009 at 6:24 pm
R.K.Misra
This Kunjika Stotra Mantra is very-very powerful and useful to all I agrred
April 8, 2009 at 12:21 am
Nikhilashish
सत्य कहा आपने मिश्राजी |
सचिन जी, उचित होगा कि आप यह प्रश्न अपने गुरु से करें | सिद्ध कुञ्जिका स्तोत्र का नियमित पाठ करते रहें | माँ भगवती की कृपा आपको अवश्य प्राप्त होगी |