सौवर्णासनसंस्थितांत्रिनयनां पीतांशुकोल्लासिनीं हेमाभांगरुचिं शशांकमुकुटां सच्चम्पकस्त्रग्युताम् |
हस्तैर्मुद्गरपाश वज्ररसनाःसंबिभ्रतीं भूषणैर्व्याप्तांगी बगलामुखीं त्रिजगतां संस्तम्भिनींचिन्तयेत् ||
सुवर्ण सिंहासन पर विराजमान, तीन नेत्र वाली, पीत वस्त्रों से सुशोभित, स्वर्ण आभा वाली, चन्द्रकलारूपी मुकुट धारण करने वाली, चम्पा की माला पहिनने वाली, हाथों में मुद्गर, पाश, वज्र एवं रिपुजिव्हा लिए हुए, आभूषणों से अलंकृत अंगों वाली तथा तीनों लोकों को स्तंभित करने वाली बगलामुखी का ध्यान करना चाहिए|

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